डब्ल्यूएचओ (WHO) ने कहा कि कोरोना वायरस (Coronavirus) नजदीकी शारीरिक संबंध, छींकने या खांसने के बाद हवा में तैरने वाले ड्रॉपलेट्स (बूंदों) के संपर्क में आने से फैलता है.

1. WHO ने बताया- कोरोना वायरस हवा से नहीं, छींकने और खांसने से फैलता है

बीजिंग. कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाह को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने खुलासा किया है. WHO ने कहा कि कोरोना वायरस हवा से नहीं फैलता, इसको लेकर तरह-तरह की अफवाह न फैलाई जाएं. डब्ल्यूएचओ ने कहा कि यह वायरस नजदीकी शारीरिक संबंध, छींकने या खांसने के बाद हवा में तैरने वाले ड्रॉपलेट्स (बूंदों) के संपर्क में आने से फैलता है और यह हवा में लंबे समय तक नहीं रहता है.

डब्ल्यूएचओ ने कहा कि श्वसन संक्रमण विभिन्न आकारों की सूक्ष्म बूंदों के माध्यम से फैल सकता है. छींक या खांसने से कणों से संक्रमण (ड्रॉपलेट ट्रांसमिशन) तब होता है जब आपका निकट संपर्क उस व्यक्ति के साथ (एक मीटर के भीतर) होता है जिसमें खांसी या छींकने जैसे श्वसन संबंधी लक्षण होते हैं. जिससे ये आपके शरीर में इन सूक्ष्म बूंदों को फैला सकते है और इनका आकार आमतौर पर 5-10 माइक्रोन होता है.

संक्रमण ‘ड्रॉपलेट ट्रांसमिशन’ से अलग

सरकारी समाचार पत्र ‘चाइना डेली’ ने डब्ल्यूएचओ के प्रकाशन के हवाले से बताया कि संक्रमित व्यक्ति के आसपास के वातावरण में सतहों या वस्तुओं को छूने से भी यह संक्रमण फैल सकता है. इसमें कहा गया है कि हवा में फैलने वाला संक्रमण ‘ड्रॉपलेट ट्रांसमिशन’ से अलग है, क्योंकि यह सूक्ष्म बूंदों के भीतर जीवाणुओं की मौजूदगी को दिखाता है और ये जीवाणु आम तौर पर व्यास में पांच माइक्रोन से कम के छोटे कण के रूप में होते हैं.

छींकना और खांसने वाले लोगों से रहें दूर

प्रकाशन के अनुसार चीन में कोरोना वायरस के 75,465 मरीजों के विश्लेषण में हवा में संक्रमण का कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है. मौजूदा सबूत के आधार पर डब्ल्यूएचओ कोरोना वायरस मरीजों की देखभाल कर रहे लोगों को खांसने या छींकने से बाहर आने वाली सूक्ष्म बूंदों और नजदीकी संपर्क से सावधानियां बरतने की सलाह देता है. जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के आंकड़े के अनुसार 175 से अधिक देशों में अब तक कोरोना वायरस के कुल 1,002,159 मामले दर्ज किये गये है और 51,485 लोगों की मौत हुई है.