दिल्ली में संक्रमण दर यानी पॉजिटिविटी रेट 15 फीसदी के आंकड़े को पार कर गया है. साथ ही यहां एक्टिव मामलों की संख्या भी करीब 42 हजार तक पहुंच गई है और अब तक सबसे ज्यादा है. दिल्ली में 24 घंटे में 50,754 नमूनों की जांच की गई जिसमें 7,745 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई.

Delhi Corona Updates: दिल्ली में कोरोना संकट: 42 हजार एक्टिव केस, पॉजिटिविटी रेट 15 फीसदी तक पहुंचा

दिल्ली में कोरोना ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. कल रात जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक 24 घंटे में 7745 नए केस सामने आए हैं, जो एक दिन का रिकॉर्ड है. इससे पहले एक दिन में इतने ज्यादा केस कभी नहीं आए थे. साथ ही दिल्ली में एक्टिव केस और संक्रमण दर यानी पॉजिटिविटी रेट भी लोगों में भय पैदा कर रहा है.

दिल्ली में संक्रमण दर यानी पॉजिटिविटी रेट 15 फीसदी के आंकड़े को पार कर गया है. साथ ही यहां एक्टिव मामलों की संख्या भी करीब 42 हजार तक पहुंच गई है और अब तक सबसे ज्यादा है. दिल्ली में 24 घंटे में 50,754 नमूनों की जांच की गई जिसमें 7,745 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई, इसी के साथ संक्रमण की दर बढ़कर 15.26 प्रतिशत हो गई. हालांकि दिल्ली में रिकवरी रेट 88.86% हो गई है तो एक्टिव मरीजों की संख्या 9.54% तक पहुंच गई है जबकि डेथ रेट 1.59% है. 

दिल्ली में कोरोना आंकड़े...

'दिल्ली में कोविड-19 का तीसरा दौर बुरा'
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने कहा कि राजधानी में कोविड-19 का तीसरे दौर चरम पर है और मामलों की संख्या देखकर लगता है कि यह अब तक का सबसे बुरा चरण है. मंत्री ने कहा कि सरकार ने दिल्ली के अस्पतालों में कोविड-19 रोगियों के लिये बिस्तरों की संख्या बढ़ा दी है, लेकिन होटलों और बारातघरों की सेवाएं लेने की अभी कोई योजना नहीं है. 

जैन ने कहा, 'दिल्ली में कोविड-19 का तीसरा दौर चरम पर है. मामलों की संख्या से प्रतीत होता है कि यह अब तक का सबसे बुरा दौर है. लेकिन जल्द ही मामलों में कमी आनी शुरू हो जाएगी.'

मंत्री ने कहा कि मामलों में वृद्धि की वजह तेजी से जांच किया जाना और संक्रमितों का पता लगाना है. उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा बरती जा रही लापरवाही मामलों में तेज वृद्धि का एक प्रमुख कारण है. जैन ने कहा, 'कुछ लोगों को लगता है कि अगर वे मास्क नहीं पहनेंगे तो भी उन्हें कुछ नहीं होगा. वे गलत सोच रहे हैं. जब तक कोविड-19 रोधी टीका तैयार नहीं हो जाता, तब तक मास्क ही एकमात्र दवा है.'